वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय
वायु प्रदूषण के कारण:
- भारत में बहुत सारे उद्योग और पावर प्लांट हैं जहाँ से दूषित धुएँ का उत्सर्जन होता है और यह धुआँ हवा में मिलकर हवा को भी प्रदूषित करता है। यही कारण है कि पावर प्लांट और उद्योगों के कारण अत्यधिक मात्रा में वायु प्रदूषण होता है।
- बढ़ती आबादी के साथ-साथ हमारी ज़रूरतें भी बढ़ रही हैं और लोगों के पास निजी वाहन भी बढ़ रहे हैं। सार्वजनिक वाहनों की जगह निजी वाहनों का इस्तेमाल करने से गाड़ियों से निकलने वाला दूषित धुंआ हवा में प्रदूषण फैलाता है। यही कारण है कि आजकल लोग घरों से बाहर निकलने पर मास्क या कपड़े आदि से नाक और मुँह ढककर निकलते हैं ताकि दूषित हवा में मौजूद प्रदूषण के तत्वों से खुद की सुरक्षा कर सकें।
- फैक्ट्रियों और कारखानों कि वजह से भी वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है क्यूंकि इनकी चिमनियों से लगातार भरी मात्रा में रासायनिक धुआँ और कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता रहता है।
- हमारे ऑफिस और घरों में लगे एयर कंडीशनर भी वातावरण को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते है क्यूंकि इनमे से क्लोरोफ्लोरो कार्बन निकलता है जो ओज़ोन परत को भी भारी नुकसान पहुंचाते है।
वातावरण पर वायु प्रदूषण का प्रभाव:
बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण मौसम सम्बन्धी परेशानियां भी सामने आयी हैं. वे समस्याएं हैं:
- वायु प्रदूषण के कारण सामान्य तापमान में भी वृद्धि हो गयी है और पिछले 10 सालों से सर्दियाँ लगातार घटती ही जा रही हैं।
- वातावरण में ग्रीन हाउस गैसों के कारण ओज़ोन परत भी घटती जा रही है जिससे तापमान में वृद्धि हो रही है।
- लगातार बढ़ते हुए प्रदूषण के कारण बहुत लोगो को स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियां होने लगी है और मानव स्वास्थ्य पर भी इसका बहुत ही गंभीर असर पड़ता है। दूषित हवा कि वजह से लोगो को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कि आँखों में जलन, सीने में जकड़न, सांस लेने में परेशानी आदि।
यह हैं कुछ वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय :
- निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें क्योंकि सड़क पर जितनी कम गाड़ियाँ रहेंगी उतना कम प्रदूषण भी होगा। अपने बच्चों को निजी वाहन से स्कूल छोड़ने की जगह उन्हें स्कूल की बस में जाने के लिए प्रोत्साहित करें। जहाँ तक मुमकिन हो, खुद भी ऑफ़िस जाने के लिए सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें। आप साइकिल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि साईकिल से पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होता है और आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
- हमारी दैनिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली उत्पन्न करने के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग किया जाता है और इससे निकलने वाला धुआँ हमारे वातावरण के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस तरह के प्रदूषण से बचने के लिए आपको सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे आपके पैसे भी बचेंगे और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा।
- सिर्फ घरों में सोलर पैनल लगवाना ही नहीं, बल्कि आप सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहनों का उपयोग भी कर सकते हैं, जिन्हें पेट्रोल या डीज़ल की जरूरत नहीं होती – यह पर्यावरण के साथ-साथ आपकी जेब के लिए भी फायदेमंद है। सौर ऊर्जा पर चलने वाले वाहनों से दूषित गैस उत्सर्जन की भी समस्या नहीं होती है और पर्यावरण के लिए साईकिल के बाद सोलर वाहन ही सबसे ज़्यादा फ़ायदेमंद हैं।
- अगर आप निजी वाहनों का उपयोग करते हैं तो आपको कार पूलिंग करनी चाहिए। कार पूलिंग में आप एक ही कार में अन्य लोगों को भी बैठा कर ले जा सकते हैं ताकि सबको अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल न करना पड़े और प्रदूषण भी कम हो सके।
- अपने बगीचे की सूखी पत्तियों को जलाने की जगह उनका खाद बनाकर बगीचे में ही इस्तेमाल करें। इससे आपके पेड़–पौधों को भी फायदा होगा और पत्तियां जलाने से धुआँ भी नहीं होगा।
- जब तक पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ठोस कानून नहीं बनेंगे, तब तक वायु प्रदूषण को रोक पाना मुश्किल होगा। इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर ऐसे नियम बनाने चाहिए, जो हर नागरिक को जागरूक और ज़िम्मेदार बनाए।
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