गर्मियों में प्योर साइनवेव इन्वर्टर के बेहतरीन फ़ायदे
भारत में अक्सर हम सुनते आए हैं कि ग्रामीण एवं शहरी इलाक़ों में रहने वाले लोगों को बिजली कटौती की समस्याओं से जूझना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, घर के काम, ऑफ़िस के काम आदि में बाधा आती है तथा बिजली कटौती के कारण ये काम सही समय पर नहीं हो पाते हैं। विज्ञान में तकनीकी विकास के कारण निश्चित ही देश में बिजली कटौती की समस्या पहले जैसी नहीं है लेकिन आज भी कई ऐसे गाँव और शहरी इलाक़े हैं जहाँ लोगों को अनियमित और असमय बिजली कटौती से जूझना पड़ता है। दिन के समय प्राकृतिक रोशनी से कुछ हद तक इस कमी को पूरा किया जा सकता है लेकिन रात के समय ऐसा कर पाना नामुमकिन होता है। इसके साथ ही, भारत की भौगोलिक स्थिति के कारण यहाँ अत्यधिक गर्मी भी पड़ती है और गर्मी के मौसम में कूलर, पंखे और एसी की माँग भी बढ़ती है। गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से परेशान लोग अक्सर इन्वर्टर का इस्तेमाल करते हैं ताकि बिजली कटौती के समय वे इन्वर्टर से बैकअप वाली बिजली का इस्तेमाल कर सकें। लेकिन विद्युत संबंधी अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आपको यह जानना भी ज़रूरी है कि आपके लिए सबसे अच्छा इन्वर्टर कौन सा है। तो दोस्तों, इस पोस्ट के ज़रिए हम आपको इन्वर्टर, उनके प्रकार और फ़ायदों से जुड़े हर सवाल का जवाब देंगे।
हमारे घरों में बिजली घर से आने वाली बिजली अल्टरनेट करेंट का प्रकार होती है जिससे हम घर के उपकरण चलाते हैं और इन्वर्टर बैटरी से आने वाले डायरेक्ट करेंट को अल्टरनेट करेंट में बदलता है।
प्योर साइन वेव इन्वर्टर का एक प्रकार होता है जिसके विभिन्न फ़ायदे देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं कि इन गर्मियों में आपके लिए प्योर साइन वेव इन्वर्टर लेना फ़ायदेमंद क्यों है:- निर्बाधित ऊर्जा
प्योर साइन वेव इन्वर्टर से मिलने वाला करेंट बिल्कुल पावर स्टेशन से मिलने वाले अल्टरनेट करेंट की तरह ही होता है। हमारे घरों में इस्तेमाल होने वाले ज़्यादातर उपकरण अल्टरनेट करेंट से ही चलते हैं। साथ ही प्योर साइन वेव इन्वर्टर से आपके घरेलू उपकरणों को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है तथा उनकी दक्षता बरक़रार रहती है। घर के अन्य उपकरणों को चलाने के साथ साथ प्योर साइन वेव इन्वर्टर में लैपटॉप या कम्प्यूटर जैसे उपकरणों को भी पावर देने की क्षमता होती है।
- ऊर्जा की कम खपत
प्योर साइन वेव इन्वर्टर की तुलना में स्क्वायर वेव इन्वर्टर में ज़्यादा हार्मोनिक डिस्टॉर्शन होते हैं यानी कि इसमें करेंट प्रवाह के लिए ज़्यादा ऊर्जा की खपत होती है तथा यह डिस्टॉर्शन महज़ ऊष्मा बनकर व्यर्थ होते हैं। ऐसे में हम जिस ऊर्जा का इस्तेमाल भी नहीं कर पाते हैं उसका भी भुगतान करना पड़ता है। लेकिन प्योर साइन वेव इन्वर्टर में किसी प्रकार के डिस्टॉर्शन की गुंजाईश नहीं होती है। इन इन्वर्टर की दक्षता बहुत ज़्यादा होती है और ये बिजली बिल की कटौती में भी मदद करते हैं।
- वोल्टेज और करेंट का सुरक्षित स्तर
जैसा कि हम जानते हैं हमारे घरों में बिलजी बोर्ड से आने वाली एसी बिजली (अल्टरनेट करेंट) का वोल्टेज 220 वोल्ट होता है। स्क्वायर वेव इन्वर्टर में यह वोल्टेज 220 से ज़्यादा या 220 से कम होता रहता है। लेकिन प्योर साइन वेव इन्वर्टर वोल्टेज के स्तर को ज़रूरत के अनुसार लगभग 220 वोल्ट ही रखता है तथा इससे बिजली से चलने वाले उपकरण पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
- उपकरणों में से ग़ैर ज़रूरी आवाज़ नहीं होती
अक्सर आपने देखा होगा कि पावर कट के दौरान इन्वर्टर से चलने वाले उपकरण जैसे पंखे में से घर्षण की आवाज़ आने लगती है। स्क्वायर वेव इन्वर्टर में होने वाले डिस्टॉर्शन के कारण यह आवाज़ होती है। लेकिन जैसा कि हमने ऊपर पढ़ा है, प्योर वेव इन्वर्टर में डिस्टॉर्शन नहीं होता है तो इससे चलने वाले उपकरणों में किसी प्रकार की ग़ैर ज़रूरी आवाज़ भी नहीं होती है।
- अधिक वोल्टेज वाले उपकरण आसानी से चलेंगे