ईको फ्रेंडली चार्जिंग स्टेशन में भारत का उज्ज्वल भविष्य
प्रमुख कंपनियां जो करेंगी चार्जिंग स्टेशन का निर्माण
ईईएसएल कंपनी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए लोगों को जागरूक कर रही है ,कम्पनी ने देश के सरकारी मंत्रालय एवं डिपार्टमेंट में 10,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत का लक्ष्य निर्धारित किया है।इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ईईएसएल अभी तक 350 स्टेशनों का निर्माण सफलतापूर्वक कर चुकी है। ऑटोमोबाइल क्षेत्रों को मज़बूती प्रदान करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड,पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड , उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड,गुजरात एनर्जी विकास एजेंसी, , बेसकॉम, जैसी नोडल एजेंसियां भी इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने पर काम कर रही है। सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों के अनुसार इको फ्रेंडली चार्जिंग स्टेशन लगवाने के लिए किसी को भी लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होगी। रिहायशी इलाकों में भी चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे एवं इन दिशा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि हाइवे पर हर 25 किलोमीटर पर दोनों तरफ़ एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन होना चाहिए। इसके अलावा इन सभी कंपनियों को 3 साल तक चार्जिंग स्टेशन की देखभाल भी करनी होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक चार्जिंग स्टेशन की लागत 4 लाख रुपये होगी जिसके लिए अलग से पावर सप्लाई करने की योजना है। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सरकार 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी देगी तथा यह चार्जिंग स्टेशन एनटीसीपी, पावर ग्रिड के साथ मिलकर लगाए जाएंगे।इलेक्ट्रिक वाहन के लाभ –
इलेक्ट्रिक वाहन को इस्तेमाल करने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ने की प्रमुख वजहों में पर्यावरण के प्रति सुरक्षा और इनका किफायती होना है। इलेक्ट्रिक वाहन के अगर फायदे की बात की जाए तो ;- पेट्रोल, डीज़ल पर चलने वाले वाहनों की तुलना में, इलेक्ट्रिक वाहन का ख़र्च कम आता है क्योंकि एक इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने में जितने रुपये लगते हैं वो क़ीमत एक किलोमीटर गाड़ी चलाने के लिए लगने वाले पेट्रोल की क़ीमत से एक तिहाई कम होती है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को मरम्मत या सर्विसिंग की कम ज़रूरत पड़ती है और इसके पुर्जे, मोटर, रेडियेटर आदि की क़ीमत भी बहुत कम ही होती है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों से किसी भी तरह की हानिकारक गैस नहीं निकलती जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए सौर ऊर्जा पर चलने वाले स्टेशन बनाये जाते हैं तथा सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को भी कम किया जा सकता है।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को ग्रिड इलेक्ट्रिसिटी से चार्ज करने के बजाए सोलर संयत्रों से चार्ज किया जा सकता हैं।
- पेट्रोल या सीएनजी से चलने वाले वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों का वजन कम होता है, इनकी माइलेज क्षमता भी बेहतर होती है।
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